उत्तर प्रदेश आवास विकास बोर्ड ने 4 नई आवासीय योजनाओं को मंजूरी, गाजियाबाद में एम्स सैटलाइट सेंटर का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश आवास विकास बोर्ड की शुक्रवार को आयोजित बैठक में चार नई आवासीय योजनाओं को लाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, गाजियाबाद में एम्स सैटलाइट सेंटर बनाने के लिए भूमि देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इन योजनाओं से राज्य के प्रमुख शहरों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा।
चार शहरों में आवासीय योजनाओं का विस्तार
बोर्ड द्वारा मंजूर की गई चार नई आवासीय योजनाओं में मेरठ, मुजफ्फरनगर, झांसी और प्रयागराज शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन योजनाओं को अगले दो वर्षों में लॉन्च करने का लक्ष्य है। इन चारों योजनाओं के लिए कुल लागत का अनुमान भी पेश किया गया है:
- झांसी: 1044 एकड़ भूमि पर आवासीय योजना बनाई जाएगी, जिसमें लगभग 372 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- मुजफ्फरनगर: 702 एकड़ भूमि पर योजना तैयार की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये है।
- मेरठ: इस योजना के लिए 1500 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है, और इसका अनुमानित खर्च 2000 करोड़ रुपये होगा।
- प्रयागराज: 673 एकड़ भूमि पर आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी, जिसमें 520 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है।
इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में आवास की समस्या को हल करने की कोशिश की जा रही है, खासकर उन शहरों में जहां तेजी से जनसंख्या वृद्धि हो रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया गया है, ताकि इन योजनाओं पर काम जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
फ्लेटों पर 15 प्रतिशत छूट का निर्णय स्थगित
हालांकि, इस बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय स्थगित कर दिया गया। आवास विकास बोर्ड ने फ्लेटों पर 15 प्रतिशत छूट देने के प्रस्ताव को टाल दिया है। इसके पीछे कारण यह बताया गया कि शासन खाली पड़ी संपत्तियों को बेचने के लिए एक नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिसमें छूट देने का प्रावधान रखा जाएगा। यह योजना 15 दिन तक चलेगी, और इसलिए इसे फिलहाल बोर्ड में मंजूरी नहीं दी गई है।
गाजियाबाद में एम्स सैटलाइट सेंटर का प्रस्ताव
इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने गाजियाबाद में एम्स का सैटलाइट सेंटर बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन देने का भी प्रस्ताव किया है। यह सैटलाइट सेंटर वसुंधरा योजना के सेक्टर 7 में स्थित होगा। इस फैसले से गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बोर्ड ने इस भूमि की कीमत 487 करोड़ रुपये निर्धारित की है, और यह जमीन अस्पताल के लिए आरक्षित की जाएगी।
इस तरह के कदमों से न केवल राज्य के शहरी क्षेत्र में आवास की जरूरतों को पूरा किया जाएगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी बेहतर बनाया जाएगा। इन फैसलों से राज्य में विकास को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पास
बैठक में 2025-26 के वित्तीय वर्ष के बजट को भी मंजूरी दी गई, जिसमें अनुमानित आय 3,720 करोड़ रुपये और खर्च 3,697 करोड़ रुपये रखा गया है। यह बजट राज्य के आवास विकास के लिए महत्वपूर्ण है, और इसमें विभिन्न परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए पर्याप्त राशि निर्धारित की गई है।
Share this content:
