April 21, 2026

लेबनान के पुनर्निर्माण का भारी बोझ: इस्राइल-हिजबुल्लाह युद्ध के बाद 11 बिलियन डॉलर का आकलन, क्या दुनिया मदद के लिए तैयार है?

विश्व बैंक ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि 14 महीने तक चले इस्राइल-हिजबुल्लाह युद्ध के बाद लेबनान के पुनर्निर्माण और पुनर्प्राप्ति की लागत लगभग 11 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इस रिपोर्ट में 8 अक्टूबर 2023 से लेकर 20 दिसंबर 2024 तक देश भर के 10 क्षेत्रों में हुए नुकसान का गहराई से आकलन किया गया है, और इसका साफ संकेत है कि युद्ध के बाद लेबनान को अपने आर्थिक और भौतिक ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए भारी वित्तीय मदद की आवश्यकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के परिणामस्वरूप लेबनान को लगभग 11 बिलियन डॉलर की आवश्यकता होगी। इसमें से 3 से 5 बिलियन डॉलर का वित्तपोषण सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा, जो मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, सड़कों, पुलों और अन्य सरकारी सेवाओं के पुनर्निर्माण में खर्च होगा। वहीं, 6 से 8 बिलियन डॉलर का निवेश निजी क्षेत्र से प्राप्त किया जाएगा, और यह आवास, वाणिज्य, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में लगेगा।

विश्व बैंक ने किया नुकसान का आकलन

विश्व बैंक के अनुसार, इस युद्ध के दौरान लेबनान की भौतिक संरचनाओं को 6.8 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, उत्पादकता में गिरावट, सरकारी राजस्व में कमी और बढ़ती परिचालन लागत के कारण लेबनान को 7.2 बिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2024 में लेबनान का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.1 प्रतिशत गिर जाएगा, जबकि बिना युद्ध के यह 0.9 प्रतिशत बढ़ने की संभावना थी। इस युद्ध के कारण लेबनान की जीडीपी में 2019 के बाद से 40 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है।

यह युद्ध 8 अक्टूबर 2023 को हिजबुल्लाह द्वारा इस्राइल के दक्षिणी हिस्से में रॉकेट दागे जाने के बाद शुरू हुआ था। यह हमला उस दिन हुआ था, जब हमास के नेतृत्व में एक घातक हमले ने इस्राइल को निशाना बनाया था। इसराइली सेना ने तुरंत जवाबी गोलाबारी और हवाई हमलों का दौर शुरू किया, जिससे संघर्ष और बढ़ गया और अंत में यह एक पूर्ण युद्ध में बदल गया। इस युद्ध का अंत नवंबर के अंत में अमेरिकी मध्यस्थता से हुआ, जब युद्ध विराम लागू किया गया।

लेबनान की सेना का गंभीर आरोप

इस बीच, लेबनान की सेना ने इस्राइली सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेबनानी सेना ने कहा कि इस्राइली सेना ने युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए बिना लेबनानी अधिकारियों की अनुमति के हौला गांव में यहूदी नागरिकों को ले जाने की कोशिश की। लेबनानी सेना का कहना है कि यह कदम लेबनान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन था और इसने समझौते की शर्तों को भी प्रभावित किया।

लेबनान और इस्राइल के बीच तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है, और इस युद्ध के बाद के प्रभाव अब भी दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। लेबनान के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक 11 बिलियन डॉलर की रकम यह सवाल उठाती है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संकट में मदद करेगा या नहीं। इस रिपोर्ट ने दुनियाभर के लिए एक गंभीर चुनौती पेश की है—क्या दुनिया इस संकट से निपटने के लिए एकजुट होगी और लेबनान को पुनर्निर्माण में मदद करने का संकल्प लेगी?

अब यह देखना बाकी है कि लेबनान के पुनर्निर्माण और वित्तीय पुनर्प्राप्ति की दिशा में क्या कदम उठाए जाएंगे, और क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन हालात में लेबनान के साथ खड़ा रहेगा।

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