April 30, 2026

चैंपियंस ट्रॉफी 2025: भारत और ऑस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल मैच में काली पट्टी बांधकर उतरी भारतीय टीम, पद्माकर शिवलकर को दी श्रद्धांजलि

दुबई, 4 मार्च 2025: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल मुकाबला आज दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच के दौरान भारतीय टीम ने अपने दिग्गज स्पिनर पद्माकर शिवलकर को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरने का निर्णय लिया। शिवलकर का सोमवार को निधन हो गया था, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट जगत शोक में डूब गया है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले इस अहम सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि, मैच के परिणाम से पहले, इस दिन भारतीय क्रिकेट के एक महान नाम, पद्माकर शिवलकर के निधन ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

शिवलकर का निधन और उनकी शानदार क्रिकेट यात्रा
पद्माकर शिवलकर का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बाएं हाथ के स्पिनरों में से एक माने जाते थे, हालांकि वह कभी भारतीय राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। बावजूद इसके, घरेलू क्रिकेट में उनका नाम बहुत प्रतिष्ठित था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अपने करियर के दौरान 361 विकेट लिए और 11 बार मैच में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी कायम किया।

शिवलकर ने 1961-62 से 1987-88 तक कुल 124 प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया और 589 विकेट लिए, जिनमें से 361 विकेट उन्होंने केवल रणजी ट्रॉफी में लिए थे। वह हमेशा अपने अद्वितीय गेंदबाजी कौशल के लिए पहचाने गए और उन्होंने क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना देखा था, जो कभी पूरा नहीं हो सका।

गावस्कर की श्रद्धांजलि
महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सोमवार को पद्माकर शिवलकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “शिवलकर सर भारतीय टीम का हिस्सा बनने के ज्यादा हकदार थे। उनकी गेंदबाजी कला और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”

एमसीए और क्रिकेट जगत ने जताया दुख
मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने भी शिवलकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। नाइक ने कहा, “मुंबई क्रिकेट ने आज एक सच्चे दिग्गज को खो दिया है। उनका खेल में योगदान, खासकर एक बेहतरीन स्पिनर के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।”

भारतीय टीम की श्रद्धांजलि
चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच में काली पट्टी बांधकर भारतीय टीम ने शिवलकर को सम्मानित किया। इस दौरान टीम के कप्तान और अन्य खिलाड़ी भी शिवलकर के योगदान को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना करते रहे।

क्रिकेट जगत के लिए अपूरणीय क्षति
पद्माकर शिवलकर का योगदान न केवल मुंबई क्रिकेट बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट में अनमोल रहेगा। उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से क्रिकेट को नए आयाम दिए। उनके निधन से एक महान खिलाड़ी खो गया, लेकिन उनकी क्रिकेट यात्रा हमेशा प्रेरणादायक बनी रहेगी।

इससे पहले, भारतीय टीम ने शिवलकर के योगदान के प्रति सम्मान जताते हुए काली पट्टी बांधने का निर्णय लिया। यह एक भावुक पल था, क्योंकि भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को याद करते हुए टीम ने मैदान पर उतरने का यह तरीका अपनाया।

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