बिजनौर में बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड ने पोटेटो प्रोसेसिंग प्लांट की नींव रखी, किसानों की आय दोगुनी होने का दावा
बेल्जियम की राजकुमारी एस्ट्रिड आज उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले पहुंची, जहां उन्होंने बेल्जियम भारत बिजनेस मिशन सीरीज के तहत एग्रिस्टो मासा बेव ग्रुप के दूसरे पोटेटो प्रोसेसिंग प्लांट की नींव रखी। इस अवसर पर राजकुमारी के साथ बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री सहित 65 सदस्यीय एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी बिजनौर आया।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने राजकुमारी एस्ट्रिड तथा उनके साथ आए बेल्जियम के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
भारत-बेल्जियम के बीच बढ़े व्यापारिक संबंध
भारत और बेल्जियम के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय किसानों के लिए नई संभावनाएं और बेहतर आय के साधन खोलना था। बेल्जियम की मशहूर आलू प्रसंस्करण कंपनी एग्रिस्टो मासा ने पहले भी बिजनौर के महमूदपुर गंज में 2019 में एक आलू प्रसंस्करण फैक्ट्री लगाई थी, जिसका लाभ स्थानीय किसानों को हुआ। इस फैक्ट्री से आलू की खेती को एक नया मोड़ मिला और किसानों की आमदनी में दोहरी बढ़ोतरी हुई।
किसानों की आय में दोगुनी बढ़ोतरी
आलू प्रसंस्करण प्लांट की स्थापना के बाद से बिजनौर और आसपास के इलाकों के करीब ढाई हजार आलू उत्पादक किसानों की आमदनी दोगुनी हो चुकी है। इन किसानों ने अब आलू की फसल से न केवल अपनी आय को बढ़ाया है, बल्कि बिजनौर में उत्पादित आलू से फ्रेंच फ्राई, मैश पोटेटो, आलू चिप्स जैसे उत्पाद तैयार कर दुनिया के कई देशों को निर्यात भी किया जा रहा है। अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, इंडोनेशिया, अर्जेनटीना और वियतनाम जैसे देशों में इन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।
एग्रिस्टो कंपनी द्वारा किसानों को बाय-बैक एग्रीमेंट के तहत आलू बीज, खाद और पेस्टीसाइड्स मुहैया कराए जाते हैं, और फसल तैयार होने पर इनसे नकद भुगतान करके आलू खरीदी जाती है। इस प्रक्रिया से किसानों को गन्ने की खेती छोड़कर आलू की खेती करने के लिए प्रेरित किया गया है।
एग्रिस्टो मासा का बड़ा कदम
एग्रिस्टो मासा कंपनी ने अब अपनी क्षमता को 7500 मैट्रिक टन से बढ़ाकर 75,000 मैट्रिक टन कर दिया है। कंपनी के डायरेक्टर मनप्रीत सिंह चड्डा ने बताया कि यह एक्सटेंशन सिर्फ किसानों के लिए आर्थिक फायदा लेकर नहीं आया, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी बड़ा योगदान दे रहा है।
उत्तर प्रदेश में निवेश का नया दौर
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश सरकार की ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति के तहत अनेकों विदेशी और घरेलू कंपनियां अब उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में निवेश कर रही हैं। खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया है, जो व्यापारियों और निवेशकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करता है।
इस निवेश से उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा में बदलाव आ रहा है, और राज्य में नए व्यापारिक अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिजनौर में एग्रिस्टो कंपनी ने राज्य सरकार के इन्वेस्टर्स समिट के दौरान एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू साइन किया था, जिसे अब सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।
आगे का रास्ता और अवसर
इस कार्यक्रम के बाद, बेल्जियम और भारत के व्यापारिक संबंधों में और मजबूती आएगी, और उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में निवेश के और नए रास्ते खुलेंगे। राजकुमारी एस्ट्रिड और उनके प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे ने न केवल उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया है, बल्कि बिजनौर के किसानों को भी आत्मनिर्भर बनने का एक बड़ा मौका दिया है।
अब यह देखना होगा कि इस परियोजना का असर और कौन-कौन से क्षेत्रों पर पड़ता है और उत्तर प्रदेश में कृषि, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में क्या नई संभावनाएं उत्पन्न होती हैं।
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