बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर रांची एक्सप्रेस घंटों फंसी, यात्रियों ने किया जोरदार हंगामा और प्रदर्शन
बाराबंकी, 2 मार्च: सोमवार को बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक असामान्य घटना ने अफरा-तफरी मचा दी, जब लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रांची एक्सप्रेस (18610) को बिना किसी कारण के घंटों खड़ा रखा गया। इस दौरान ट्रेन के अंदर सवार यात्री पहले ही दो दिन से भूखे-प्यासे थे, और जब ट्रेन बाराबंकी स्टेशन पर बिना किसी सूचना के रुक गई, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। यात्री रेल ट्रैक पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे रेलवे प्रशासन को तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा।
रांची जाने वाली यह ट्रेन आमतौर पर इटारसी से बनारस होकर रांची जाती है, लेकिन रविवार को अचानक रेलवे ने इसे लखनऊ और बाराबंकी रूट पर डायवर्ट कर दिया। जब ट्रेन लखनऊ से बाराबंकी पहुंची, तो उत्तर-पूर्व रेलवे ने इसे आगे बढ़ने का सिग्नल नहीं दिया, जिसके कारण ट्रेन बाराबंकी स्टेशन पर फंसी रह गई। इस पर यात्री काफी परेशान हो गए और स्थिति बिगड़ने लगी।
भूख और प्यास से तड़पते यात्री, खासकर छोटे बच्चे और महिलाएं, बेहद परेशान हो गए। ट्रेन में न तो खाने-पीने की कोई सुविधा थी और न ही किसी अन्य प्रकार का इंतजाम। यात्री नरेंद्र सिंह ने कहा, “हम दो दिन से ट्रेन में सफर कर रहे हैं, लेकिन रेलवे ने कोई व्यवस्था नहीं की। बाराबंकी में हमें घंटों रोका गया, बच्चे भूख से तड़प रहे थे, लेकिन रेलवे को हमारी कोई परवाह नहीं है।”
संगीन स्थिति को देखते हुए, यात्री गुस्से में आकर रेलवे ट्रैक पर उतर आए और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस विरोध के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे और यात्रियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। अंततः काफी मशक्कत के बाद ट्रेन को रवाना किया जा सका।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने कहा, “यात्री खाने-पीने की कमी और ट्रेन की लेट लतीफी को लेकर हंगामा कर रहे थे। हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही थी।”
इस घटना ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों की कमी को उजागर किया है, और इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में फिर से न हों, इसके लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट किया है।
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