अमेरिका में खसरे से बच्चे की मौत, एक दशक बाद वायरस का जानलेवा प्रभाव!
अमेरिका में खसरे ने एक बार फिर से अपनी जानलेवा दस्तक दी है, और इस बार एक स्कूली बच्चे की मौत ने पूरे देश को चौंका दिया है। यह खसरे से हुई मौत एक दशक बाद सामने आई है। इससे पहले, 2015 में खसरे से एक बच्चे की मौत हुई थी, और अब, टेक्सास के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक बच्चे की इस खतरनाक वायरस से मौत की खबर आई है।
बच्चे की मौत का कारण खसरे का प्रकोप
टेक्सास के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि ल्यूबॉक शहर के अस्पताल में भर्ती किए गए बच्चे की रात में खसरे के कारण मौत हो गई। यह मामला इस तथ्य को और भी गंभीर बना देता है कि यह वायरस सिर्फ टेक्सास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी राज्यों और मैक्सिको तक फैल चुका है, जिससे संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में खसरे के संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
टीकाकरण दर में कमी से बढ़े खसरे के मामले
स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की कि खसरे से हुई मौत का यह पहला मामला नहीं है। 2015 में भी खसरे के कारण एक बच्चे की मौत हुई थी, और अब, 2023 के फरवरी माह में गेन्स काउंटी, टेक्सास में इस वायरस का प्रकोप फिर से देखा गया है। अधिकारी बताते हैं कि टीकाकरण अभियान को चलाए जाने के बावजूद, इनमें से अधिकांश संक्रमित लोग वह थे जिन्हें खसरे का टीका नहीं लगाया गया था। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ 82% बच्चों को खसरे से बचाव का टीका दिया गया था, जिससे वायरस के फैलने का खतरा और भी बढ़ गया।
खसरे के 130 से ज्यादा नए मामले
टेक्सास और न्यू मैक्सिको में खसरे के मामलों की संख्या अब तक 130 से अधिक हो चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि ये सभी मामले उन लोगों में पाए गए हैं जिन्होंने खसरे के टीके को नजरअंदाज किया था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में बने प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारी, रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मौत अमेरिका में टीकाकरण दरों में गिरावट का नतीजा है।
कोरोना महामारी के बाद खसरे के मामलों में उतार-चढ़ाव
रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने बताया कि इस साल अमेरिका में खसरे के सिर्फ चार मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 16 थी। उन्होंने आगे कहा कि 2019 में खसरे के मामलों की संख्या लगभग दो दशक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थी, जब कुल 1,274 मामले सामने आए थे। कोविड-19 महामारी के बाद खसरे के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन फिर भी हर साल कुछ मामले सामने आते हैं। 2024 में खसरे के 285 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2023 में 59 और 2022 में 121 मामले थे।
वायरस की बढ़ती लहर और चिंता के कारण
खसरे के मामलों में बढ़ोतरी के बाद से विशेषज्ञों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, कोरोना महामारी के बाद कई देशों ने अपने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पुनर्निर्मित किया है, लेकिन खसरे जैसी पुरानी बीमारियों के प्रसार को रोकने में अभी भी कमी नजर आ रही है। स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की अपील है कि लोग खसरे के टीके के प्रति जागरूकता बढ़ाएं और बच्चों को समय पर टीका लगवाएं ताकि इस घातक वायरस से बचाव किया जा सके।
निष्कर्ष
खसरे की यह दुखद घटना अमेरिका में टीकाकरण अभियान की आवश्यकता को एक बार फिर से रेखांकित करती है। यह खसरे के बढ़ते मामलों का संकेत है, जो इस बात की याद दिलाती है कि वायरस कभी भी फिर से प्रकोप कर सकता है, यदि उचित सावधानियां नहीं बरती जातीं। वायरस के फैलने के इस दौर में, सरकारों और स्वास्थ्य संगठनों के लिए यह चुनौती और भी बड़ी हो जाती है कि वे स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को मजबूती से लागू करें और टीकाकरण की दर को बेहतर बनाएं।
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