April 21, 2026

विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी 2024 का खिताब जीता, केरल को पहली पारी की बढ़त से हराया, तीसरी बार चैंपियन बना विदर्भ

रणजी ट्रॉफी 2024 में विदर्भ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केरल को हराकर तीसरी बार खिताब अपने नाम किया है। यह मुकाबला नागपुर में खेला गया था, जहां पहले दिन से ही रोमांचक परिस्थितियां बनीं। इस फाइनल मुकाबले में, पांचवें और अंतिम दिन के खेल के बाद, जब मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, तब विदर्भ ने केरल को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात दी और चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

विदर्भ का तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब

यह विदर्भ का तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब है, इससे पहले 2017-18 और 2018-19 में भी टीम यह खिताब जीत चुकी है। इस बार के फाइनल में विदर्भ ने पहले दिन से ही अपनी ताकत दिखाई और केरल को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, केरल ने भी पहली बार फाइनल में अपनी जगह बनाते हुए शानदार खेल दिखाया, लेकिन विदर्भ की कड़ी मेहनत और रणनीति ने उसे चैंपियन बना दिया।

करुण नायर और दर्शन नालकंडे की शानदार पारियां

पहली पारी में विदर्भ ने दानिश मालेवार के शानदार 153 रनों और करुण नायर के 86 रनों की मदद से 379 रन बनाए थे। इसके बाद, केरल की टीम कप्तान सचिन बेबी के 98 रनों के बावजूद पहली पारी में सिर्फ 342 रन ही बना सकी। इस तरह, विदर्भ को पहली पारी में 37 रनों की बढ़त मिली।

दूसरी पारी में, करुण नायर ने शानदार शतक जड़ा और 135 रनों की पारी खेली, वहीं दर्शन नालखंडे ने नाबाद 51 रन बनाए। दिन के खेल के अंत तक, विदर्भ का स्कोर नौ विकेट पर 375 रन था, और जैसे ही नालखंडे ने अपना अर्धशतक पूरा किया, मैच समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

अंतिम दिन की संघर्षपूर्ण कहानी

विदर्भ ने अंतिम दिन 249/4 के स्कोर से अपनी दूसरी पारी का खेल जारी रखा। करुण नायर और कप्तान अक्षय वाडकर ने शुरुआती विकेटों को संभाला, लेकिन नायर ने सिर्फ तीन रन जोड़कर अपना विकेट गंवा दिया। इसके बाद, वाडकर के आउट होने के बाद, विदर्भ के अन्य बल्लेबाजों ने कड़ी मेहनत की। अक्षय कार्नेवर और नालकंडे ने आठवें विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचा।

नालकंडे के अलावा, यश ठाकुर ने आठ रन बनाए और नाबाद रहे, लेकिन अंत में विदर्भ को जीत हासिल हुई। केरल की ओर से सरवटे ने चार विकेट झटके, जबकि निधेश, जलज सक्सेना, एप्पल, बासिल और अक्षय चंद्रन को एक-एक विकेट मिला।

विदर्भ का जबरदस्त प्रदर्शन और टीम की कड़ी मेहनत

इस जीत से विदर्भ ने अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम पाया। पूरे सत्र में विदर्भ ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और सिर्फ रणजी ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी में भी उपविजेता रही। विदर्भ की इस जीत ने उसे भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक बना दिया है।

विदर्भ ने इस रणजी ट्रॉफी सत्र में 10 में से 9 मैच जीते, जो टीम की प्रभुत्वता को स्पष्ट करता है। विदर्भ ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया और कुल मिलाकर सात मैचों में से छह मैच जीतकर 40 अंक हासिल किए।

केरल ने दिखाया दम, लेकिन विजेता विदर्भ

केरल ने इस रणजी ट्रॉफी सत्र में शानदार खेल दिखाया और पहली बार फाइनल में जगह बनाई। केरल ने नॉकआउट में जम्मू और कश्मीर (क्वार्टर फाइनल) और गुजरात (सेमीफाइनल) को मामूली अंतर से हराया। हालांकि, विदर्भ के सामने उसे हार का सामना करना पड़ा।

टीम की कड़ी मेहनत और कप्तानी की सराहना

अक्षय वाडकर की कप्तानी और मुख्य कोच उस्मान गनी की रणनीति ने टीम को इस जीत तक पहुंचाया। विदर्भ के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और टीम की मेहनत ने उन्हें इस रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बना दिया।

निष्कर्ष

यह रणजी ट्रॉफी 2024 का फाइनल मैच न केवल एक रोमांचक मुकाबला था, बल्कि यह विदर्भ की जबरदस्त वापसी और मजबूती का प्रतीक भी बना। केरल को हराकर विदर्भ ने साबित कर दिया कि वह भारतीय घरेलू क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण ताकत है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!