अमेरिका पर कर्ज का बोझ बेकाबू! ब्याज चुकाने में फंस रही सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
वॉशिंगटन: अमेरिका की अर्थव्यवस्था तेजी से कर्ज के दलदल में फंसती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे और अंतिम कार्यकाल में देश को फिर से महान बनाने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं, लेकिन सरकारी कर्ज पर नियंत्रण पाने में अब तक नाकाम रहे हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट जनवरी में फेडरल गवर्नमेंट के कुल राजस्व का 18.7% तक पहुंच गया है, जो 1990 के दशक के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले, 1992 में यह आंकड़ा 18.9% तक गया था।
ब्याज भुगतान की लागत इतनी तेजी से बढ़ रही है कि पिछले 18 महीनों में यह दोगुना हो चुका है। बीते 12 महीनों में ही अमेरिका को 1.2 ट्रिलियन डॉलर सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च करने पड़े, जो अब सोशल सिक्योरिटी बजट से भी ज्यादा हो चुका है। यानी सरकार को रक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तुलना में कर्ज के ब्याज पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। अगर यही हालात बने रहे और कोई बड़ी मंदी नहीं आई, तो 2054 तक अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट फेडरल रेवेन्यू के 34% तक पहुंच सकता है।
36 ट्रिलियन डॉलर पार कर्ज, क्या होगा आगे?
अमेरिका का कुल कर्ज 36 ट्रिलियन डॉलर पार कर चुका है, जो देश की जीडीपी के 125% के बराबर हो गया है। पिछले 24 साल में यह कर्ज छह गुना बढ़ चुका है। वर्ष 2000 में यह 5.7 ट्रिलियन डॉलर था, जो 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर, 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर, और अब 34.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। कांग्रेस के बजट अनुमानों के मुताबिक, अगले दशक तक यह 54 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अमेरिका को हर दिन 1.8 अरब डॉलर सिर्फ ब्याज चुकाने के लिए खर्च करने पड़ रहे हैं। अगर कर्ज पर लगाम नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है।
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