ग्रेटर नोएडा में शाहबेरी फ्लाईओवर का निर्माण होगा, ग्रेटर नोएडा एयरपोर्ट और गाजियाबाद कनेक्टिविटी में आएगी बड़ी सुधार!
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव और गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक के बीच बनने वाले फ्लाईओवर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हरी झंडी दे दी है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यात्रा की सुविधा में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है। इस फ्लाईओवर के निर्माण के बाद, ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना और गाजियाबाद के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना संभव होगा।
कनेक्टिविटी में सुधार, यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
इस फ्लाईओवर के बनने से खासतौर पर ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच यातायात की स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। फ्लाईओवर का निर्माण एयरपोर्ट और गाजियाबाद के रास्ते पश्चिम यूपी तक जाने वालों के लिए यात्रा को सुगम बनाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा। इस रास्ते से गुजरने वाले लोग आसानी से एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे, और जाम जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।
डीपीआर तैयार करने का काम जल्द शुरू होगा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) को शाहबेरी फ्लाईओवर का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आदेश दे दिया है। इस रिपोर्ट के तहत फ्लाईओवर का कुल आकार 3.8 किलोमीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा होगा। इसके बाद डीपीआर को प्राधिकरण बोर्ड के सामने रखा जाएगा और बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन से अंतिम मंजूरी प्राप्त होगी।
ग्रेटर नोएडा एयरपोर्ट को मिल रही है प्राथमिकता
सीआरआरआई ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को एयरपोर्ट की सुविधाओं के लिए सड़कों के चौड़ीकरण और एलिवेटेड रोड बनाने के सुझाव दिए थे। इनमें से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव 16 मीटर चौड़े फ्लाईओवर का था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, प्राधिकरण एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले ही सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है ताकि एयरपोर्ट का इस्तेमाल शुरू होते ही यात्री बिना किसी रुकावट के आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।
जल्द होगा निर्माण, अप्रैल 2025 तक एयरपोर्ट का उद्घाटन
ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अप्रैल 2025 तक व्यावसायिक उपयोग के लिए शुरू होने का अनुमान है। इस समय तक शाहबेरी फ्लाईओवर के निर्माण के साथ-साथ संबंधित सड़क सुविधाओं को भी बेहतर किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो।
सड़क परिवहन को मिलेगा नया आयाम
इस फ्लाईओवर के निर्माण से न केवल गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह पश्चिम यूपी के लोगों के लिए भी एक नया आयाम खोलेगा। ट्रैफिक की समस्या का समाधान होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
Share this content:
