May 3, 2026

सीबीआई की जांच में बड़ा मोड़, राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव सहित 78 आरोपियों को समन जारी किया

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों समेत 78 लोगों के खिलाफ समन जारी किया है। अदालत ने इन सभी आरोपियों को 11 मार्च को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला सीबीआई द्वारा जांचे जा रहे लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़ा है, जो लंबे समय से चर्चाओं का हिस्सा बना हुआ है।

क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला?

यह घोटाला लालू यादव के रेलमंत्री रहने के दौरान हुआ बताया जाता है। आरोप हैं कि पश्चिम मध्य रेलवे, विशेषकर मध्य प्रदेश के जबलपुर में ग्रुप डी के कर्मचारियों की भर्ती के दौरान, इन कर्मचारियों से लालू यादव के परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों के नाम पर जमीनें ली गईं। इन कर्मचारियों ने नौकरी पाने के बदले लालू यादव और उनके परिवार को भूमि दी। इस मामले में सीबीआई ने मई 2022 में एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की थी।

सीबीआई की चार्जशीट के बाद इस मामले ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। 78 आरोपियों में 30 सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं, जो इस घोटाले का हिस्सा बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों में लालू यादव के परिवार के सदस्य, उनकी पत्नी, दो बेटियां और कई अन्य अज्ञात सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं।

क्या है चार्जशीट का महत्व?

सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोपपत्र) पर दिल्ली की अदालत ने संज्ञान लिया है और अब मामले में जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि सभी आरोपियों को 11 मार्च को अदालत में पेश होना होगा, जहां उनके खिलाफ सुनवाई की जाएगी।

मुख्य आरोपी: लालू यादव और उनका परिवार

लालू प्रसाद यादव के खिलाफ यह मामला राजनीति के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुका है। उनके विरोधी इस घोटाले को उनके रेलमंत्री रहते हुए हुई एक बड़ी अवैध गतिविधि मानते हैं। यह घोटाला पूरी तरह से नौकरी के बदले जमीन लेने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जो एक गंभीर आरोप है। अब अदालत ने आरोपियों को समन जारी करते हुए जांच की दिशा को स्पष्ट किया है और यह देखा जाएगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

हेमा और तेज प्रताप यादव भी आरोपी

दिल्ली की कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव की बेटी हेमा और उनके बेटे तेज प्रताप यादव को भी समन जारी किया है। दोनों को 11 मार्च को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि इस घोटाले में सिर्फ लालू यादव ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं।

क्या होगा आगे?

इस मामले में कोर्ट की कार्रवाई और सीबीआई की जांच अब एक नई दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। 11 मार्च को जब सभी आरोपी अदालत में पेश होंगे, तो कोर्ट को यह तय करना होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी। यह मामला न केवल लालू यादव के राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि यह जांच देशभर में राजनीतिक भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ सख्त कदमों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

कोर्ट का समन और सीबीआई की जांच के चलते इस मामले की अहमियत और बढ़ गई है, और सभी की नजरें अब 11 मार्च को होने वाली सुनवाई पर हैं।

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