88 वर्षीय पोप फ्रांसिस का अंतिम समय: क्या होगा उनके अंतिम संस्कार का तरीका?
वेटिकन से हैरान करने वाली खबर आई है कि 88 वर्षीय पोप फ्रांसिस, जो वर्तमान में निमोनिया से पीड़ित हैं, अब अंतिम चरण में हैं। उनका इलाज रोम के जेमेली अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर तो बताया है, लेकिन उनके बचे रहने की उम्मीदें बहुत कम हैं। हाल ही में पोप ने अपने करीबियों से कहा था कि उन्हें डर है कि इस बार वह बच नहीं पाएंगे। ऐसे में, वेटिकन में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं, और रिहर्सल भी किए जा रहे हैं।
क्या पोप का अंतिम संस्कार सामान्य होगा?
पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार कैसे होगा, इसे लेकर वेटिकन में कुछ खास नियम बने हैं। नवंबर 2024 में पोप के अंतिम संस्कार के लिए एक नया गाइडलाइन तैयार किया गया था, जिसे पोप फ्रांसिस ने स्वयं मंजूरी दी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि जब उनका निधन होगा, तो यही नये नियम लागू होंगे।
पोप का निधन होते ही वेटिकन का वरिष्ठ अधिकारी, कैमरलेंगो, उनकी मृत्यु की आधिकारिक घोषणा करेगा। वर्तमान में इस पद पर आयरिश कार्डिनल केविन फैरेल कार्यरत हैं। पहले पोप की मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को लंबे समय तक खुले में रखा जाता था, लेकिन नए नियमों के तहत अब उनका शरीर तुरंत ताबूत में रख दिया जाएगा।
पुरानी परंपराओं का बदलाव
पहले जहां पोप के शव को तीन ताबूतों में रखा जाता था, अब यह प्रक्रिया भी बदल चुकी है। अब केवल एक ताबूत में पोप का शरीर रखा जाएगा और फिर आम नागरिकों को दर्शन का अवसर मिलेगा। पोप के निधन के बाद 9 दिनों तक शोक मनाया जाएगा, जिसमें खास धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
क्या होगा पोप फ्रांसिस की अंतिम इच्छा का?
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब पोप का अंतिम संस्कार सेंट पीटर के पारंपरिक कब्र में नहीं होगा, जैसा कि पहले होता था। पोप फ्रांसिस ने अपने जीवनकाल में ही इस परंपरा को बदलवा दिया था। वह चाहते थे कि उनका अंतिम संस्कार रोम के सांता मारिया मैगीगोर बेसिलिका में हो, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
मैक्सिकन प्रसारक की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह जानकारी दी है कि पोप फ्रांसिस की इस अंतिम इच्छा को पूरी किया जाएगा। उनके दफनाने के समय पर एक महत्वपूर्ण रिवाज भी है – कब्र में सिक्के रखे जाते हैं, हालांकि यह अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, पोप के कार्यकाल के बारे में एक दस्तावेज तैयार किया जाता है, जिसे इतिहास के रूप में सहेजा जाता है। यह दस्तावेज उनके योगदान और कार्यों का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है।
क्या पोप फ्रांसिस का अंतिम समय करीब है?
पोप फ्रांसिस की स्थिति गंभीर होने के बाद, उनके स्वास्थ्य के बारे में आने वाली खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। 88 साल की उम्र में, उनकी यह बीमारी उनके अंतिम समय को नजदीक लाती नजर आ रही है। दुनिया भर के करोड़ों ईसाइयों का ध्यान अब इस ओर केंद्रित हो गया है कि उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी और क्या उनकी अंतिम इच्छा को पूरा किया जाएगा।
पोप फ्रांसिस का निधन न केवल चर्च के लिए, बल्कि पूरे ईसाई समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक घटना होगी, और उनके अंतिम संस्कार के बाद दुनिया भर में एक नई शुरुआत हो सकती है।
Share this content:
