April 22, 2026

योगी सरकार का ऐतिहासिक बजट: अयोध्या, मथुरा और वाराणसी को मिली ऐतिहासिक सौगात, पर्यटन और धार्मिक विकास के लिए खुला खजाना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपनी सरकार का बजट पेश किया, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 8 लाख करोड़ से अधिक के बजट का ऐलान किया, जिसमें विशेष ध्यान धार्मिक पर्यटन और संबंधित अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर दिया गया है। इस बजट में अयोध्या, मथुरा और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि जनवरी 2024 से दिसम्बर 2024 के बीच उत्तर प्रदेश में कुल 65 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें 14 लाख विदेशी पर्यटक शामिल थे। इस बढ़ते पर्यटकों के influx को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार ने इन धार्मिक नगरों में पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया।

योजना का खजाना:

अयोध्या, मथुरा और काशी के साथ-साथ प्रदेश के अन्य तीर्थस्थलों को विकसित करने के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बड़ा बजट पर्यटन स्थलों के विकास के लिए निर्धारित किया है। इसमें से:

  • अयोध्या के पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • मथुरा में 125 करोड़ रुपये की राशि पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए निर्धारित की गई है।
  • नैमिषारण्य क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

चित्रकूट और मथुरा के लिए विशेष ध्यान:

बजट में विशेष रूप से मथुरा और मिर्जापुर को 150-150 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। मथुरा में श्री बांके बिहारी जी महाराज मन्दिर मथुरा-वृन्दावन कारीडोर के निर्माण हेतु भूमि क्रय के लिए 100 करोड़ रुपये और निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

साथ ही, मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र में स्थित प्रमुख मंदिरों, जैसे कि मां विन्ध्यवासिनी मन्दिर, मां अष्टभुजा मन्दिर, और मां काली खोह मन्दिर के परिक्रमा पथ और जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय व्यवस्था की गई है।

नैमिषारण्य में नया वेद विज्ञान केंद्र:

प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नैमिषारण्य में वेद विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह कदम भारतीय संस्कृति और वेदों की महत्वपूर्ण धरोहर को संरक्षित करने और प्रचारित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

महत्वपूर्ण योजनाओं का खाका:

  • चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
  • प्रदेश के प्रमुख राजमार्गों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि वे-साईड एमेनिटीज के निर्माण हेतु निर्धारित की गई है।

आध्यात्मिक और शैक्षिक विकास:

इसके साथ ही विन्ध्यांचल धाम मण्डल में मां विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जो प्रदेश के धार्मिक और शैक्षिक विकास को एक नया मोड़ दे सकता है।

पुरानी धार्मिक धरोहर का संरक्षण:

सुरेश खन्ना ने यह भी बताया कि जनोपयोगी संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण हेतु 30 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इन ऐतिहासिक मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं के साथ संरक्षित किया जा सकेगा।

टूरिज्म और धर्म को बढ़ावा देने की रणनीति:

यह बजट उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की गंभीर मंशा को स्पष्ट करता है। अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे स्थलों के पर्यटन विकास के साथ, राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में एक नई ऊँचाई की ओर बढ़ने का संकल्प लिया है।

योगी सरकार के इस ऐतिहासिक बजट से यह साफ है कि उत्तर प्रदेश न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा भी मिलेगी।

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