उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक बजट: विकास के नए आयाम, एक्सप्रेसवे से लेकर AI सिटी तक, क्या होगा राज्य की नई दिशा?
आज उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, जब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 2025-26 के बजट का ऐलान किया। यह योगी सरकार का नौवां बजट है, और इसकी कुल राशि 8 लाख करोड़ रुपये रखी गई है, जो पिछले वर्ष के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा, “अधूरी ख्वाहिशें जीने का मजा देती है, अगर सब कुछ पूरा हो जाए तो फिर किसकी तमन्ना करेंगे?” इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जो राज्य के विकास में नई दिशा दिखा सकती हैं।
बजट की प्रमुख घोषणाएँ:
इस बजट में खास तौर पर 4 नए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट का विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी की स्थापना और श्रमिक अड्डों का निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि वाराणसी, अलीगढ़, श्रावस्ती एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा, जबकि गोरखपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का निर्माण होगा।
इसके अलावा, प्रदेश में 4 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड-रीवा एक्सप्रेसवे जैसे अहम प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी की स्थापना की योजना है, जो उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया हब बना सकती है।
महाकुंभ-2025 और प्रदेश की प्रगति:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने महाकुंभ-2025 की तैयारी की भी जानकारी दी, जो प्रयागराज में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। यह कुंभ 144 वर्षों में एक बार आता है, और इस बार लगभग 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
राज्य के आर्थिक लक्ष्यों का निर्धारण:
सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई सेक्टरों में योजना तैयार की गई है, जैसे कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और नगर विकास। इसके अलावा, राज्य सरकार ने निवेश के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई है, जिससे उत्तर प्रदेश को भारत में सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया गया है।
प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि:
वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2017 में प्रति व्यक्ति आय 52,671 रुपये थी, जो अब बढ़कर 93,514 रुपये तक पहुंच चुकी है। इस दौरान प्रदेश की जी.एस.डी.पी. दो गुना बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
बजट के सेक्टरवार आवंटन:
इस बजट में अवस्थापना विकास के लिए 22 प्रतिशत, शिक्षा के लिए 13 प्रतिशत, कृषि के लिए 11 प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए 4 प्रतिशत की राशि आवंटित की गई है। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट कक्षाओं जैसी योजनाओं के लिए विशेष आवंटन किए हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदेश के जिलों में श्रमिक अड्डे बनाने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
किसानों के लिए राहत:
किसानों के लिए भी बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 3 करोड़ किसानों को 79,500 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एस्क्रो एकाउंट मैकेनिज्म को भी जारी रखा जाएगा।
महिलाओं और बाल विकास:
महिलाओं के लिए भी कई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अब तक 1.86 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना भी शामिल है। इसके साथ ही, स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत लाखों स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए गए हैं।
अंत में…
इस बजट में उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है, जो राज्य को एक नई दिशा में ले जाने का वादा करती हैं। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, स्मार्ट नगर निकाय और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स राज्य की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाएंगे। यह बजट न सिर्फ वर्तमान सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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