महाशिवरात्रि पर काशी में उमड़ेगा ऐतिहासिक भक्तों का सैलाब, नागा साधु तूफान गिरी महाराज ने किया संगम नगरी से वाराणसी का रुख
महाकुंभ के अंतिम दिनों में भले ही भीड़ थोड़ी कम हुई हो, लेकिन प्रयागराज में श्रद्धालुओं का आना अभी भी जारी है। 26 फरवरी को महाकुंभ का आखिरी स्नान है, उसके बाद शिवरात्रि के अवसर पर घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। खासकर, महाशिवरात्रि को लेकर काशी में भक्तों का उत्साह चरम पर है। इस बीच, नागा साधु तूफान गिरी महाराज, जो हाल ही में वाराणसी पहुंचे हैं, संगम नगरी के घाटों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे हैं।
तूफान गिरी महाराज, जो एक युवा नागा साधु हैं, बिहार के निवासी हैं। उनका असली नाम शुभम गिरी है और उन्होंने बताया कि किस प्रकार वे साधु बने। उन्होंने बताया, “बिहार में कई घटनाएं घटीं, जो मुझे वहां रहने की प्रेरणा नहीं देतीं। यूपी, खासकर काशी, मुझे बहुत अच्छा लगा और यहीं पर मैंने संन्यासी बनने का मन बनाया।” उन्होंने आगे बताया कि उनका झुकाव धर्म की ओर था और संन्यासी बनने का फैसला 2014 में लिया। उनका मानना था कि अगर वह साधु नहीं बनते, तो अपराधी बन जाते क्योंकि उनके क्षेत्र में छोटे-मोटे विवादों के कारण झगड़े होते थे।
इस साल, तूफान गिरी महाराज ने नागा साधु बनने का कदम उठाया और जूना अखाड़े से संबंध स्थापित किया। उन्होंने रवि गिरी महाराज से दीक्षा ली और अब वे ‘प्रेम पट’ के नाम से भी जाने जाते हैं। उनका कहना है कि अब उनका जीवन केवल भगवान की सेवा में समर्पित है।
महाशिवरात्रि की रात को लेकर काशी में इस बार ऐतिहासिक दृश्य होगा। इस वर्ष महाकुंभ के कारण हर दिन हजारों श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं, और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की संभावना जताई जा रही है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल से कहीं ज्यादा होने वाली है। इसके मद्देनजर, मंदिर प्रशासन ने VIP दर्शन, स्पर्श दर्शन और विशेष दर्शन को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है।
महाशिवरात्रि के दिन, रात 12 बजे से मंगला आरती के बाद दर्शन और पूजन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन की भोग आरती तक लगातार 32 घंटे चलेगी। इस दौरान कोई भी स्पेशल एंट्री या टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं होगी। 2023 में, 10 लाख से ज्यादा भक्तों ने रात्रि 12 बजे तक बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे, जो भोर तक 12 लाख तक पहुंच गए थे। इस बार, श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एन्ड टू एन्ड बैरिकेडिंग और चिकित्सकीय टीम को तैनात किया गया है। मंदिर न्यास की ओर से रुद्राभिषेक पारंपरिक विधि से संपन्न कराया जाएगा। वहीं, काशी के भक्त शिव बारात में शामिल होने के साथ-साथ बाबा के दर्शन के लिए भी बेहद उत्साहित हैं।
महाशिवरात्रि के इस ऐतिहासिक अवसर पर काशी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और नगरी में सजे भव्य उत्सव के बीच नागा साधु तूफान गिरी महाराज का आशीर्वाद मिलने से भक्तों का अनुभव और भी दिव्य हो जाएगा।
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