सुप्रीम कोर्ट से क्रिश्चियन मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में मिली बड़ी राहत, जमानत पर फैसला
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के कथित आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता शामिल थे, ने मिशेल को छह साल की जेल में रहने के आधार पर जमानत दी। हालांकि, जमानत के साथ कई शर्तें भी रखी गई हैं, जिसमें मिशेल को अपना पासपोर्ट रिन्यू करके सरेंडर करना होगा। इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने मिशेल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
क्रिश्चियन मिशेल, जो कि एक ब्रिटिश नागरिक हैं, लगभग छह साल से जेल में हैं। उनका नाम 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ा हुआ है। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। मिशेल को 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था।
यह घोटाला वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है, जिसमें कथित तौर पर अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को घूस दी थी। सीबीआई का आरोप है कि इस सौदे में सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (करीब 2666 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। इसके अलावा, ईडी ने भी 2016 में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से करीब 225 करोड़ रुपये मिले थे।
सुप्रीम कोर्ट ने मिशेल को जमानत देने का फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले में छह साल तक जेल में समय बिताया है, जबकि मामले की जांच अब भी जारी है। अदालत ने आदेश दिया कि मिशेल को निचली अदालत द्वारा तय शर्तों के तहत जमानत पर रिहा किया जाएगा, और उन्हें अदालत के सामने खुद को पेश करना होगा।
इस फैसले के बाद मिशेल को जमानत मिलने से जहां एक ओर उनके वकीलों और समर्थकों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर चल रही राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं में और तेज़ी आ गई है।
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