April 17, 2026

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के लिए संकट: नए नियमों से होगा बड़ा असर, क्या यह कदम उन्हें प्रभावित करेगा?

ऑस्ट्रेलिया – जहां भारतीयों की आबादी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है, वहीं अब एक नए नियम के कारण भारतीयों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने एक ऐसा कदम उठाने की योजना बनाई है, जिसका सबसे अधिक असर भारतीयों पर पड़ सकता है, खासकर उन भारतीयों पर जो उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और बाद में वहीं बसने की योजना बनाते हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस के नेतृत्व वाली सरकार ने घोषणा की है कि वह अगले दो वर्षों तक विदेशियों द्वारा ऑस्ट्रेलिया में स्थापित घरों की खरीद पर प्रतिबंध लगाएगी। इस कदम का उद्देश्य हाउसिंग क्राइसिस से निपटना है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह फैसला भारतीयों को और उनकी जीवनशैली को प्रभावित करेगा?

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या अब 7 लाख से अधिक हो चुकी है, और इस संख्या के तेजी से बढ़ने के साथ ही, वहां के रियल एस्टेट बाजार में भी विदेशी निवेशकों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में सरकार का यह कदम कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया के हाउसिंग मिनिस्टर क्लेयर ओ’नील ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2027 तक, किसी भी विदेशी नागरिक को यहां की एस्टेबलिश्ड प्रॉपर्टी (स्थापित घरों) को खरीदने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम विशेष रूप से उन भारतीयों पर असर डालने वाला है जो उच्च शिक्षा के बाद ऑस्ट्रेलिया में बसने का सोचते हैं और घर खरीदने के लिए यहां आते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती हाउसिंग क्राइसिस

ऑस्ट्रेलिया में घरों की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताएं पहले से ही जोरों पर हैं। पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट बाजार में उछाल देखा गया है, जिससे घर खरीदना आम लोगों के लिए और भी महंगा हो गया है। इस नीति के लागू होने के बाद, इन कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। हाउसिंग मिनिस्टर क्लेयर ओ’नील ने यह भी बताया कि इस प्रतिबंध की समीक्षा 2027 के बाद की जाएगी, और उसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि इसे आगे बढ़ाना है या नहीं।

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती कीमतों के कारण, विशेष रूप से युवा लोग, जिनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं है, उन्हें घर खरीदने में मुश्किलें आ रही हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में किराए में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई है। 2023-24 में भारत ऑस्ट्रेलिया के लिए अप्रवासी स्रोत देशों में प्रमुख बनकर उभरा, और भारतीय छात्रों के लिए ऑस्ट्रेलिया एक पसंदीदा स्थल रहा है। उच्च शिक्षा के लिए लाखों भारतीय हर साल ऑस्ट्रेलिया आते हैं, और इनमें से कई बाद में यहां बसने की योजना बनाते हैं। अब यह नया नियम उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़ा कर सकता है।

सिडनी और अन्य बड़े शहरों में हाउसिंग वैल्यूज में 70 प्रतिशत की वृद्धि

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सिडनी में पिछले दस सालों में हाउसिंग वैल्यूज में करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और अब वहां एक औसत घर की कीमत लगभग 1.2 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (762,000 अमेरिकी डॉलर) हो गई है। इस वृद्धि ने भारतीय छात्रों और अप्रवासियों को प्रभावित किया है, जो अब अपनी स्थायी निवास योजना पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

यह कदम सीधे तौर पर उन भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में घर खरीदने की सोचते हैं। हालांकि, इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया सरकार का कहना है कि यह कदम यहां के नागरिकों की भलाई के लिए उठाया जा रहा है, ताकि वे भी घर खरीदने का सपना पूरा कर सकें। वहीं, भारतीयों के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, जो अपने घर और भविष्य को लेकर ऑस्ट्रेलिया में निवेश करने के इच्छुक थे।

भारत से ऑस्ट्रेलिया के लिए यह प्रवृत्ति पहले ही कई सालों से मजबूत हो चुकी है, लेकिन इस नए नियम के बाद, क्या यह प्रवृत्ति जारी रह पाएगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है।

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