अमौसी एयरपोर्ट पर अगले 137 दिन होंगे विमानों की आवाजाही में खलल, क्या होगा असर?
लखनऊ: अमौसी एयरपोर्ट पर एक बड़ी बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। पहली मार्च से 15 जुलाई तक, रनवे को 137 दिनों तक रोजाना आठ घंटे बंद किया जाएगा। यह कदम रनवे के मेंटीनेंस और समानांतर टैक्सीवे के निर्माण के लिए उठाया गया है, जिसका उद्देश्य विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ को और भी सुगम बनाना है। इस दौरान, रनवे बंद रहने के कारण करीब 65 विमानों का संचालन प्रभावित होगा, जिससे यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
रनवे की मरम्मत और टैक्सीवे का निर्माण
एयरपोर्ट प्रवक्ता ने जानकारी दी कि डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से स्वीकृति मिलने के बाद यह कार्ययोजना लागू की जाएगी। रनवे पर 2018 में अंतिम बार मरम्मत की गई थी, लेकिन अब उसकी मौजूदा परत हटाकर मानकों के अनुरूप नई डामर परत चढ़ाई जाएगी। इससे विमानों के सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ में कोई रुकावट नहीं आएगी। साथ ही, समानांतर टैक्सीवे (पी-9) का निर्माण किया जाएगा, जो विमानों की लैंडिंग के बाद उन्हें जल्दी से रनवे से हटा सकेगा, जिससे सुरक्षा भी बढ़ेगी।
कैसा होगा असर और कैसे करेगी एयरलाइंस यात्रा को प्रभावित?
आंकड़ों के मुताबिक, अमौसी एयरपोर्ट पर रोजाना 140 विमानों की आवाजाही होती है, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ खाड़ी देशों की उड़ानें शामिल हैं। इस 137 दिन के कार्यकाल के दौरान, देर सुबह से लेकर शाम तक विमानों की आवाजाही प्रभावित होगी, और 132 विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ सुबह दस बजे से शाम छह बजे के बीच ही हो पाएगी।
एयरलाइंस को पहले ही इस बदलाव की सूचना दी जा चुकी है, और अब वे अपनी उड़ानें रिसेड्यूल (पुनः निर्धारित) कर रही हैं। इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने भी लखनऊ से कुछ उड़ानों को कानपुर शिफ्ट करने पर विचार किया है। एयर इंडिया, विस्तारा और अन्य कंपनियों ने भी अपनी उड़ानों को नया शेड्यूल बनाने का निर्णय लिया है। इसके परिणामस्वरूप, 18 उड़ानें निरस्त हो सकती हैं, और करीब नौ लाख यात्रियों के सफर पर संकट आ सकता है।
एयरपोर्ट पर होने वाले प्रमुख कार्य
- रनवे की मरम्मत:
रनवे की मरम्मत को मानकों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे लैंडिंग और टेकऑफ के समय सुरक्षा में कोई कमी न हो। इससे विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के खतरे को भी कम किया जाएगा। कुल 1.80 लाख वर्ग मीटर में काम किया जाएगा, जिसमें रनवे और टैक्सीवे दोनों शामिल हैं। - समानांतर टैक्सीवे से बढ़ेगी क्षमता:
अमौसी एयरपोर्ट पर मौजूद रनवे की लंबाई 2,744 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। अब एक नया समानांतर टैक्सीवे (पी-9) तैयार किया जाएगा, जिससे विमानों को लैंडिंग के बाद जल्दी से टैक्सी-वे पर लाया जा सकेगा और रनवे खाली होते ही दूसरी फ्लाइट को लैंडिंग करने की अनुमति दी जा सकेगी। इससे विमानन क्षमता में वृद्धि होगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। - एजीएल सिस्टम का उन्नयन:
एयरपोर्ट पर एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग (एजीएल) सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें हेलोजन बल्बों को एलईडी में बदलने के साथ एयरफील्ड साइनेज की भी स्थापना की जाएगी। इससे न केवल रात में विमानों की लैंडिंग में सुविधा होगी, बल्कि 50 प्रतिशत बिजली की बचत भी होगी, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
क्या होगा यात्रियों के लिए?
137 दिन तक रनवे के बंद रहने के दौरान, यात्रियों को देर से चलने वाली उड़ानों, उड़ानों के रीशेड्यूल और निरस्त उड़ानों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरलाइंस को पहले से इस बदलाव की सूचना दे दी है, और यात्रियों को इन बदलावों के बारे में समय रहते सूचित किया जाएगा।
यह बदलाव लखनऊ के एयर ट्रैफिक को और सुगम बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इस दौरान होने वाली समस्याओं को लेकर यात्रियों को सजग रहना होगा।
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