बदलते मौसम में बच्चों को खांसी- जुकाम से राहत दिलाने के लिए क्या है सही तरीका? डॉक्टर की सलाह जानें
बदलते मौसम में बच्चों को खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं होना आम बात है। सुबह-शाम की ठंड और दिन में तेज धूप का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में बच्चों को ठंडे और गर्म दोनों प्रकार के वातावरण का सामना करना पड़ता है, जो उनकी इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है। हालांकि, ये समस्याएं आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती हैं, लेकिन कई बार दवा लेने के बाद भी यह समस्याएं बनी रहती हैं। इस समय बच्चों को खानपान के बारे में कई धारणा बनी हुई हैं, जैसे कि खांसी- जुकाम के दौरान बच्चों को चावल नहीं खिलाने चाहिए। तो क्या यह सच है? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर से।
क्या खांसी- जुकाम में बच्चों को चावल देना सही है?
गाजियाबाद के जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टर विपिनचंद्र उपाध्याय बताते हैं कि सर्दी-खांसी के दौरान बच्चों को चावल न देने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि चावल खाने से कफ का निर्माण हो सकता है। हालांकि, यह बात पूरी तरह से सही नहीं है। डॉ. विपिन के अनुसार, बच्चों को जुकाम के दौरान चावल खिलाया जा सकता है, लेकिन एक बात का ध्यान रखना जरूरी है – चावल को हमेशा पहले गर्म करके ही खिलाना चाहिए।
चावल की तासीर और उसके सेवन के बारे में क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉ. विपिन के अनुसार, चावल की तासीर ठंडी होती है, लेकिन यदि बच्चों को गर्म करके चावल खिलाए जाते हैं, तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। इस दौरान यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चावल में घी या तेल न डाला जाए, क्योंकि इससे कफ और बढ़ सकता है। इसलिए, गर्म चावल बच्चों को देने में कोई हानि नहीं होती, अगर उन्हें सही तरीके से तैयार किया जाए।
कफ में बच्चों को क्या नहीं खिलाना चाहिए?
अगर बच्चों को कफ है, तो कुछ चीजें हैं जिन्हें बच्चों को नहीं देना चाहिए। डॉ. विपिन ने बताया कि इस दौरान बच्चों को ठंडा पानी या कोई अन्य ठंडी पेय पदार्थ नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इसके अलावा, खट्टे फल जैसे संतरा और नींबू भी नहीं देना चाहिए। आइसक्रीम और चॉकलेट से बचना चाहिए क्योंकि इनका सेवन कफ को और बढ़ा सकता है। इसके अलावा, ठंडी सब्जियां जैसे खीरा और गाजर भी बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। बच्चों को गर्म पानी पीने के लिए देना चाहिए, ताकि उनके शरीर में नमी बनी रहे और कफ कम हो सके।
बच्चों को खुद से न दें दवा
डॉ. विपिन यह भी सलाह देते हैं कि बच्चों को खांसी या कफ होने पर खुद से कोई दवा या सिरप न दें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर बच्चे को तीन दिन से अधिक समय तक जुकाम है और बुखार भी आ रहा है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। लापरवाही करना इस मामले में बहुत खतरनाक हो सकता है।
निष्कर्ष:
बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। खांसी, जुकाम, और कफ जैसी समस्याओं के दौरान सही खानपान और सही देखभाल बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों को ठंडे पदार्थों से बचाना और दवाइयों के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। इन सामान्य सावधानियों को ध्यान में रखकर आप बच्चों को जल्द ही ठीक कर सकते हैं और उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकते हैं।
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