April 19, 2026

परीक्षा नहीं, जीवन की तैयारी!”—पीएम मोदी का छात्रों को नया मंत्र

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “परीक्षा पे चर्चा 2025” के दौरान छात्रों को अनमोल टिप्स दिए, जो सिर्फ परीक्षा ही नहीं, बल्कि पूरे जीवन में सफलता के लिए कारगर साबित हो सकते हैं। इस बार कार्यक्रम एक नए अंदाज में आयोजित किया गया, जहां पीएम मोदी ने पारंपरिक मंच से हटकर सुंदर नर्सरी में छात्रों के साथ खुलकर संवाद किया।

“जो डराता है, पहले उसे पढ़ो!”

पीएम मोदी ने छात्रों को सलाह दी कि वे पहले उन विषयों को पढ़ें, जो उन्हें डराते हैं। इससे न केवल उनका डर कम होगा, बल्कि उन विषयों में भी रुचि बढ़ेगी।

सूर्य स्नान और किसानों जैसी डाइट

उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को धूप में ज्यादा समय बिताना चाहिए और पारंपरिक भारतीय आहार अपनाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भरपूर नींद लेने और भोजन को सही तरीके से चबाने की सलाह दी।

“असफलता ही सबसे बड़ा शिक्षक!”

पीएम मोदी ने छात्रों को असफलता से सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “फेल होने से जीवन नहीं रुकता। जो खुद से प्रतिस्पर्धा करता है, उसका आत्मविश्वास कभी नहीं टूटता।”

माता-पिता से अपील—बच्चों की स्किल्स को पहचानें

पीएम मोदी ने अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों पर अपनी इच्छाएं न थोपें, बल्कि उनकी प्रतिभा को पहचानें और उसे निखारने में मदद करें।

इस बार पीपीसी में कौन-कौन हुआ शामिल?

इस बार परीक्षा पे चर्चा में कई जानी-मानी हस्तियां भी छात्रों को प्रेरित करने पहुंचीं—

दीपिका पादुकोण (अभिनेत्री)

सद्गुरु जग्गी वासुदेव (आध्यात्मिक गुरु)

मैरी कॉम (बॉक्सिंग चैंपियन)

अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता)

रुजुता दिवेकर (सेलेब्रिटी फिटनेस कोच)

टेक्निकल गुरुजी गौरव चौधरी (यूट्यूबर)

भूमि पेडनेकर (अभिनेत्री)

विक्रांत मैसी (अभिनेता, ’12th फेल’ फेम)

राधिका गुप्ता (एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ)

 

लाफ्टर थेरेपी और टाइम मैनेजमेंट का मंत्र

पीएम मोदी ने छात्रों को लाफ्टर थेरेपी की अहमियत बताते हुए कहा कि इसे परिवार के साथ अपनाना चाहिए। साथ ही, समय प्रबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि सभी के पास 24 घंटे होते हैं, लेकिन उसे सही तरीके से उपयोग करने वाले ही सफल होते हैं।

उन्होंने कहा, “हम अपने प्रिय विषयों में ज्यादा समय लगाते हैं, जबकि बाकी विषयों को भी बराबर ध्यान देना चाहिए। डरने की जरूरत नहीं, बल्कि रणनीति से आगे बढ़ने की जरूरत है।”

“जो कर रहे हो, उसी पर ध्यान दो!”

पीएम मोदी ने छात्रों को सुझाव दिया कि वे नकारात्मकता से दूर रहें और अपने काम पर फोकस करें। “बार-बार यह कहना कि कल पढ़ाई नहीं हो पाई, मूड खराब था—इससे मानसिक स्थिति बिगड़ती है। जो कर रहे हो, पूरी ईमानदारी से करो,” उन्होंने कहा।

छात्रों को नया नजरिया देने वाला कार्यक्रम

हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा पे चर्चा ने छात्रों को सिर्फ परीक्षा के तनाव से निकलने की ही नहीं, बल्कि जीवन में बेहतर दृष्टिकोण अपनाने की भी प्रेरणा दी। पीएम मोदी का संदेश साफ था—”परीक्षाजीवन का हिस्सा है, लेकिन जीवन सिर्फ परीक्षा नहीं!”

 

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