राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ में पवित्र डुबकी लगाई, संगम में भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया
प्रयागराज में जारी महाकुंभ मेला धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने मां गंगा को पुष्प अर्पित किए और संगम में पूजा अर्चना की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति का यह दौरा सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरी तरह से कड़ा किया गया था, ताकि उनके आगमन को लेकर कोई भी अनहोनी न हो।
राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, जहां उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके बाद वे अरैल पहुंचीं और वहां से बोट में सवार होकर संगम की ओर बढ़ी। संगम पहुंचकर राष्ट्रपति मुर्मू ने महाकुंभ की पवित्र धारा में स्नान किया और त्रिवेणी संगम के महत्व को महसूस किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने प्रवासी पक्षियों को दाना भी खिलाया, जो उनके साथ श्रद्धा और आस्था की एक गहरी भावना को जोड़ते हैं।
महाकुंभ में स्नान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहां बने डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का भी अवलोकन किया, जहां महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी और इतिहास तकनीकी माध्यमों से दी जा रही है। यह केंद्र श्रद्धालुओं और पर्यटकों को महाकुंभ के महत्व और इसके ऐतिहासिक पहलुओं को समझने में मदद करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा महाकुंभ के आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे पहले भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी महाकुंभ में स्नान कर चुके थे। राष्ट्रपति के साथ इस यात्रा में कई प्रमुख नेताओं की उपस्थिति महाकुंभ के ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाती है।
महाकुंभ में इस साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, और प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मौनी अमावस्या के बाद यह संख्या और भी बढ़ी है, और अभी तक लगभग 44 करोड़ लोग इस पवित्र स्नान में सम्मिलित हो चुके हैं। सड़क और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का आलम यह है कि कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिल रहा है। प्रशासन और पुलिस प्रशासन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे आगामी दिनों में महाकुंभ में स्नान के लिए न आएं ताकि व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम पौने छह बजे प्रयागराज से वापस नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी, उनके इस दौरे ने महाकुंभ के महत्व को और भी रौशन कर दिया है।
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