गाजियाबाद में बीएसएफ के नाम पर ठगी करने वाला फर्जी फाउंडेशन का सरगना गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बरामद
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बीएसएफ के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को बीएसएफ से जुड़ा हुआ बताते हुए एक फर्जी संगठन “वसुंधरा संरक्षण फाउंडेशन (VSF)” के तहत लोगों से मोटी रकम वसूलने का धंधा चला रखा था। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं और उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में नई जानकारी सामने आई है।
इंदिरापुरम इलाके में एक फर्जी फाउंडेशन का भंडाफोड़ हुआ, जिसमें आरोपी ने लोगों को पुलिस और बीएसएफ के सदस्यों के तौर पर फर्जी आईडी कार्ड बांटे थे। आरोपी यादराम आर्य ने खुद को इस संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया और अपने सदस्यों को बीएसएफ और पुलिस की वर्दी पहनाकर लोगों से ठगी कर रहा था। आरोपी के पास से पुलिस ने कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं, जो उसके द्वारा बनाए गए झूठे संगठन की पहचान को मजबूत करते थे।
यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें इस फर्जी संगठन के कामकाज का खुलासा हुआ था। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जब पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच शुरू की, तो यह पता चला कि आरोपी अपने सदस्यों को “बीएसएफ” नाम से गुमराह कर पैसा वसूलता था और उन्हें पुलिस या बीएसएफ का सदस्य बताकर ठगी करता था। इसके साथ ही आरोपी बिना किसी अनुमति के अपने फर्जी गार्डों को होम मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के नाम से फर्जी आईडी कार्ड भी जारी करता था।
आरोपी के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने और कहां-कहां पर इस तरह के फर्जी फाउंडेशन चला रखे हैं। एसीपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस जल्द ही मामले में और खुलासे कर सकती है।
यादराम आर्य के गिरने से यह सवाल भी उठता है कि इस तरह के फर्जी फाउंडेशनों और संगठनों पर नकेल कसने के लिए क्या और कड़े कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे ठगों को समय रहते पकड़ा जा सके।
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