April 17, 2026

तिरुपति लड्डू घोटाला: सीबीआई की एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा, चार गिरफ्तार

नई दिल्ली: श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले प्रसिद्ध तिरुपति लड्डुओं में कथित मिलावट के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष जांच टीम (SIT) ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले में शामिल कंपनियों द्वारा मंदिर को घी आपूर्ति में व्यापक हेरफेर करने के प्रमाण मिले हैं।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी के राजू राजशेखरन के रूप में हुई है।

 

टेंडर में धोखाधड़ी, फर्जी रिकॉर्ड और साजिश का पर्दाफाश

 

सूत्रों के अनुसार, वैष्णवी डेयरी ने मंदिर को घी आपूर्ति करने के लिए एआर डेयरी के नाम से टेंडर हासिल किया, लेकिन जांच में सामने आया कि इस प्रक्रिया में फर्जी रिकॉर्ड बनाए गए थे। SIT ने खुलासा किया कि भोले बाबा डेयरी के पास मंदिर बोर्ड तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की मांग को पूरा करने की क्षमता ही नहीं थी, फिर भी घी आपूर्ति के झूठे दावे किए गए।

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT की जांच

 

सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी सांसद वाई वी सुब्बा रेड्डी की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद पिछले साल अक्टूबर में इस घोटाले की जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को निगरानी का जिम्मा सौंपते हुए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसमें CBI, आंध्र प्रदेश पुलिस और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अधिकारी शामिल हैं।

 

क्या तिरुपति लड्डुओं में पशु चर्बी मिली?

 

SIT को इस घोटाले की जांच इसलिए सौंपी गई क्योंकि तिरुपति लड्डुओं में कथित तौर पर पशु चर्बी मिलाने के आरोप लगे थे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में दावा किया था कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सरकार के दौरान लड्डुओं में मिलावट की गई थी, जिससे राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया था।

 

अब CBI की जांच इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि क्या श्रद्धालुओं को दिए गए पवित्र प्रसाद में सचमुच मिलावट हुई थी या यह महज ए

क बड़ा घोटाला था?

 

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