April 17, 2026

38वें नेशनल गेम्स में बिहार ने रचा इतिहास, 25 साल बाद जीता गोल्ड मेडल – जानिए कैसे!

38वें नेशनल गेम्स जो इस बार उत्तराखंड में आयोजित किए जा रहे हैं, का 12वां दिन बिहार के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया। बिहार ने 25 साल बाद पहली बार नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता, और इसने खेलों की दुनिया में एक नई पहचान बनाई। यह जीत बिहार के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी, क्योंकि लॉन बॉल की महिला ट्रिपल स्पर्धा में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

लॉन बॉल की महिला ट्रिपल स्पर्धा में बिहार ने की ऐतिहासिक जीत

नेशनल गेम्स की लॉन बॉल की महिला ट्रिपल स्पर्धा का फाइनल मुकाबला बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक था, जहां दोनों टीमें एक-दूसरे से कड़ी टक्कर ले रही थीं। पहले सेट में बिहार की टीम 1-11 से पीछे चल रही थी, लेकिन खुशबू कुमारी, निकहत खातून और पायल प्रीति ने हार मानने के बजाय अद्भुत संघर्ष दिखाया। उन्होंने शानदार वापसी की और 11-11 की बराबरी पर आकर मुकाबला पलट दिया। अंत में बिहार की टीम ने 15-14 से जीत हासिल की और गोल्ड मेडल के साथ इस मुकाबले को अपने नाम किया।

यह जीत बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुई क्योंकि यह राज्य के विभाजन के बाद पहली बार है जब बिहार ने नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। इस जीत ने बिहार के लंबे समय से चल रहे गोल्ड मेडल के सूखे को खत्म किया और राज्य में खेलों के प्रति एक नई उम्मीद की किरण जलाई। बिहार के खिलाड़ियों की यह जीत न केवल राज्य के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

रवींद्रन संकरण की बधाई और उम्मीद

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन संकरण ने इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए कहा, “यह बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारे खिलाड़ियों ने अविश्वसनीय संघर्ष और कौशल का परिचय दिया है। हमें उम्मीद है कि यह सफलता राज्य के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी और बिहार के लिए और भी गौरवशाली क्षण लेकर आएगी।”

बिहार के अन्य खिलाड़ियों ने भी किया शानदार प्रदर्शन

इस बार के नेशनल गेम्स में बिहार ने केवल लॉन बॉल में ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों में भी अपनी छाप छोड़ी। लॉन बॉल की एकल पुरुष स्पर्धा में बिहार के चंदन कुमार ने सिल्वर मेडल जीता। हालांकि उन्हें फाइनल में झारखंड के सुनील से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा।

इसके अलावा, हल्द्वानी में आयोजित लेजर रन पुरुष स्पर्धा में बिहार की तीन सदस्यीय टीम – प्रिंस 1, प्रिंस 2 और अंकित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

बिहार की ऐतिहासिक जीत का महत्व

बिहार की यह जीत सिर्फ राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समूचे देश में खेलों के प्रति एक नई जागरूकता का संकेत देती है। 25 साल बाद गोल्ड मेडल जीतने का यह सफर बिहार के खिलाड़ियों के संघर्ष और समर्पण का परिणाम है। बिहार में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में राज्य के और भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन करेंगे।

इस प्रकार, बिहार ने 38वें नेशनल गेम्स में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा लिया है और यह जीत निश्चित रूप से राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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