April 19, 2026

क्या आपका सैलरी पैकेज 14 लाख रुपए है? जानिए कैसे बन सकता है आपकी टैक्स लायबिलिटी जीरो!

देश में एक ओर जहां नए इनकम टैक्स कानून पर काम चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने बजट 2025 में एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स-फ्री कर दिया है, जिससे सैलरीड लोगों को बड़ा फायदा हो सकता है। हालांकि, इस बदलाव के बाद भी कई तरह के कैलकुलेशन सामने आए हैं। सैलरीड कर्मचारियों को यह जानकर राहत मिलेगी कि अगर उनका सैलरी पैकेज 14 लाख रुपए से अधिक है, तो भी उनकी टैक्स लायबिलिटी जीरो हो सकती है। आइए जानते हैं इस प्रक्रिया को और विस्तार से।

सीटीसी और इनकम टैक्स की जटिलताएं कंपनियां अपने कर्मचारियों को जो सीटीसी (कॉस्ट टू कंपनी) ऑफर करती हैं, उसमें केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा किए गए योगदान, जैसे ईपीएफओ, इंश्योरेंस, ग्रेच्युटी आदि भी शामिल होते हैं। यह पूरी रकम आपके सीटीसी के रूप में सामने आती है। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि इन घटकों का आपके टैक्स पेमेंट पर क्या असर पड़ता है।

कैसे होगा आपका टैक्स बचत? अगर आप चाहते हैं कि आपकी टैक्स लायबिलिटी कम हो या पूरी तरह से जीरो हो, तो आपको यह समझना होगा कि आपके सीटीसी में जो ईपीएफओ कंट्रीब्यूशन कंपनी करती है, वह आपकी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत होता है। आम तौर पर आपकी बेसिक सैलरी आपके कुल सैलरी का करीब 50 प्रतिशत होती है।

मान लीजिए, आपका सीटीसी 14 लाख रुपए से थोड़ा अधिक है, जैसे कि 14.65 लाख रुपए। इसमें कंपनी का ईपीएफओ कंट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत यानी लगभग 87,900 रुपए होता है। यह रकम आपकी टैक्सेबल इनकम से बाहर रहती है, यानी इस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता। इसके अलावा, यदि आपकी कंपनी ने एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) कंट्रीब्यूशन भी ऑफर किया है, तो यह आपकी बेसिक सैलरी के 14 प्रतिशत के बराबर होगा। उदाहरण के लिए, यह 1.02 लाख रुपए के करीब हो सकता है, और यह भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री होगा।

75,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन सैलरीड कर्मचारियों को 75,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा। इन सब क्लीम्स और डिडक्शन्स के बाद आपकी टैक्सेबल इनकम लगभग 11.99 लाख रुपए रह जाएगी। इतनी इनकम पर आपको आयकर कानून की धारा-87A के तहत टैक्स रिबेट मिलेगा, और इस प्रकार आपकी टैक्स लायबिलिटी पूरी तरह से जीरो हो जाएगी।

नए इनकम टैक्स कानून का है इंतजार इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में यह भी ऐलान किया कि देश में जल्द ही एक नया और सरल इनकम टैक्स कानून लागू किया जाएगा। यह सरकार की पिछले बजट में की गई घोषणा के अनुरूप है। एक कमेटी बनाई गई थी, जो इस कानून को सरल और ज्यादा समझने योग्य बनाने के लिए सिफारिशें कर रही है। इस सिफारिश के आधार पर सरकार इस सत्र में नया आयकर विधेयक संसद में पेश कर सकती है। सरकार का उद्देश्य आयकर प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि आम जनता को इस सिस्टम का पालन करना आसान हो।

क्या इस बदलाव से टैक्सपेयर्स को मिलेगा फायदा? नए इनकम टैक्स कानून की बात करें तो इसके लागू होने से टैक्सपेयर्स के लिए कई नई राहतें मिल सकती हैं। यह बदलाव सिर्फ सैलरीड कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि समस्त टैक्सपेयर्स को लाभ पहुंचाने वाला हो सकता है। हालांकि, यह देखा जाना बाकी है कि यह कानून कब लागू होगा और इसके प्रभाव से टैक्सपेयर्स को कितनी राहत मिलेगी।

अंतिम शब्द
अगर आपका सैलरी पैकेज 14 लाख रुपए या उससे अधिक है, तो सरकार की ओर से किए गए इन बदलावों से आपको टैक्स के मोर्चे पर बड़ा लाभ हो सकता है। सीटीसी के सही तरीके से कैलकुलेशन के जरिए, आप अपनी टैक्स लायबिलिटी को आसानी से जीरो कर सकते हैं। आने वाले दिनों में, नए इनकम टैक्स कानून से और भी सुधार हो सकते हैं, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए यह और भी लाभकारी साबित हो सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!