April 18, 2026

राहुल गांधी, संजय राउत और सुप्रिया सुले का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, महाराष्ट्र चुनाव में गड़बड़ी के आरोप

दिल्ली में आज विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इन नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ी पर सवाल उठाए गए हैं। खासकर चुनाव सूची में अनियमितताओं और मतदाता सूची में अचानक वृद्धि के बारे में उन्होंने तीखा हमला बोला।

राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के रवैये पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, “हम महाराष्ट्र के पिछले चुनाव में हुए अनियमितताओं की जांच कर रहे हैं। हमें चुनाव सूची में कई विसंगतियां मिली हैं, जो दिखाती हैं कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है।”

क्या है इन विसंगतियों का रहस्य?
राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि चुनाव आयोग ने 5 महीने में अचानक 7 लाख वोटरों को जोड़ दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “इतने कम समय में 39 लाख नए मतदाता कैसे जुड़ सकते हैं?” उनका कहना था कि यह असामान्य है, खासकर तब जब विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बीच इतने बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में बदलाव हुआ हो।

इसके अलावा, संजय राउत ने चुनाव आयोग के खिलाफ एक बेहद तीखा बयान देते हुए कहा कि चुनाव आयोग का “जमीर मर चुका है”। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये अतिरिक्त 39 लाख मतदाता बिहार और यूपी में हो सकते हैं, और उनमें से कुछ को दिल्ली चुनावों में देखा गया था। राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह पूरी प्रक्रिया को “संदिग्ध” बना रहे हैं और इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्यों उठे ये सवाल?
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ियां और विसंगतियां दिख रही हैं, जहां कई मतदाता अचानक गायब हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य को स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने खासकर दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मतदाताओं के नामों के संदर्भ में चिंता जताई।

उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग से कई बार हमने इस बारे में सवाल किए, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। यदि सब कुछ ठीक है, तो चुनाव आयोग को हमें इसका स्पष्ट और सटीक जवाब देना चाहिए।”

सवाल: चुनाव आयोग का क्या होगा?
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने जितना समय लिया है, वह उनकी गड़बड़ी को छिपाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि उन्हें पूरी वोटर लिस्ट दी जाए ताकि वे यह जान सकें कि यह अचानक वृद्धि क्यों हुई और इसमें किसका नाम है।

राहुल गांधी ने निष्कर्ष में कहा, “हम कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं, हम सिर्फ यह स्पष्ट रूप से डेटा प्रस्तुत कर रहे हैं। अगर चुनाव आयोग को जवाब देने में कोई समस्या नहीं होती, तो वे हमें जवाब देते।”

इससे साफ है कि चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों के बीच असंतोष और अविश्वास की स्थिति बढ़ रही है। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या इन आरोपों की जांच होगी या यह मामला दबा दिया जाएगा।

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