27 साल बाद दिल्ली को मिला नया चेहरा: रेखा गुप्ता बनीं मुख्यमंत्री
दिल्ली की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को राजधानी में मुख्यमंत्री पद मिला है। पार्टी ने विधायक दल की बैठक के बाद रेखा गुप्ता को दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया। उनके साथ प्रवेश वर्मा उप-मुख्यमंत्री पद संभालेंगे, जबकि विजेंद्र गुप्ता विधानसभा के नए स्पीकर होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह और बड़ी जीत
रेखा गुप्ता और उनकी नई टीम बुधवार दोपहर 12:30 बजे रामलीला मैदान में शपथ लेंगी। बीजेपी ने यह फैसला विधायक दल की बैठक में लिया, जिसमें ओपी धनखड़ और रविशंकर प्रसाद को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था।
8 फरवरी को आए चुनावी नतीजों में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने में 11 दिन का वक्त लगा, जिस पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने लगातार सवाल उठाए।
प्रवेश वर्मा थे सबसे आगे, फिर क्यों बदला फैसला?
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रवेश वर्मा का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था। उन्होंने नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराया था। प्रवेश वर्मा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। लेकिन आखिरकार बीजेपी आलाकमान ने रेखा गुप्ता को दिल्ली की कमान सौंपने का बड़ा फैसला लिया।
कौन हैं रेखा गुप्ता?
शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की बंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया। उन्हें कुल 68,200 वोट मिले, जबकि बंदना कुमारी को 38,605 और कांग्रेस के प्रवीण जैन को सिर्फ 4,892 वोट मिले।
हरियाणा के जींद से ताल्लुक रखने वाली रेखा गुप्ता बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष रहकर राजनीति में कदम रखा। 2007 और 2012 में उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद बनीं, लेकिन 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।
अब क्या होंगे बड़े फैसले?
रेखा गुप्ता देश में इस समय दूसरी महिला मुख्यमंत्री हैं। उनकी नीतियों और अगले कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। क्या वह बीजेपी के ऐतिहासिक जनादेश को विकास में बदल पाएंगी? अब दिल्ली को उनके फैसलों का इंतजार रहेगा।
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