अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित होगा 26/11 का गुनहगार! ट्रंप-मोदी की मुलाकात में बड़े फैसले
वाशिंगटन डीसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े समझौते हुए। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा, जिससे वह भारतीय अदालत में न्याय का सामना कर सके।
राणा, जो फिलहाल लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है, को मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता डेविड हेडली का सहयोगी माना जाता है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहले ही उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी है, और अब अमेरिकी प्रशासन ने इसे अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।
भारत को मिलेगा F-35 लड़ाकू विमान
इस मुलाकात में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए अमेरिका ने भारत को अपने एडवांस्ड F-35 स्टील्थ फाइटर जेट की आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त करने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि दोनों लोकतंत्रों के बीच रक्षा साझेदारी को नया आयाम देने के लिए यह एक बड़ा कदम है।
आर्थिक गलियारे पर बनी सहमति
भारत और अमेरिका ने महत्वाकांक्षी “भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे” को विकसित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे “इतिहास के सबसे महान व्यापार मार्गों में से एक” करार दिया।
ऊर्जा और परमाणु सहयोग पर बड़ा फैसला
बैठक के दौरान, भारत और अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया, जिससे अमेरिका भारत को तेल और गैस का एक प्रमुख सप्लायर बन जाएगा। इसके अलावा, भारत अपने कानूनों में सुधार कर अमेरिकी परमाणु तकनीकों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई
ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका “कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद” के खिलाफ पहले से कहीं अधिक मजबूती से एकजुट होकर काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि अगले दशक के लिए एक नई रक्षा सहयोग रू
परेखा तैयार की जाएगी।
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