अमेरिका ने भारत सहित कई देशों की विदेशी फंडिंग में की कटौती, ‘वोटर टर्नआउट’ के लिए दी जाने वाली सहायता रद्द
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका ने भारत समेत कई देशों के लिए दी जाने वाली विदेशी फंडिंग में भारी कटौती की है। एलन मस्क के नेतृत्व वाले अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) ने भारत में ‘वोटर टर्नआउट’ बढ़ाने के लिए प्रस्तावित 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 182 करोड़ रुपये) की फंडिंग को रद्द कर दिया है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे से दी जाने वाली यह सहायता अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
फंडिंग रद्द किए जाने पर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस फंडिंग को भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप बताते हुए सवाल उठाया कि इससे किसे फायदा होना था? उनका तर्क था कि यह निश्चित रूप से सत्तारूढ़ दल के हित में नहीं था।
अमेरिकी सरकार ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों की भी विदेशी सहायता निधि में कटौती की है। बांग्लादेश के लिए 29 मिलियन डॉलर (करीब 240 करोड़ रुपये) के अनुदान को भी रद्द कर दिया गया है। कुल मिलाकर, DOGE ने 723 मिलियन डॉलर (करीब 6,000 करोड़ रुपये) की विदेशी सहायता निधि में कटौती करने की घोषणा की है। इस फैसले के पीछे सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने का उद्देश्य बताया गया है।
मोदी-मस्क मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की यात्रा के दौरान एलन मस्क से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष, सतत विकास और तकनीकी नवाचारों को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। मस्क इस दौरान अपने तीन बच्चों के साथ मौजूद थे।
अमेरिकी सरकार की ओर से विदेशी सहायता में कटौती का यह कदम वैश्विक राजनीति में नई दिशा तय कर सकता है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अमेरिका अब अपने सरकारी खर्चों में सख्ती से कटौती कर रहा है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर प
ड़ सकता है।
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