डोली की जगह अर्थी उठी… आधी रात को छत से उठाया, सीने में गोली मारी और भाग गया कातिल
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एकतरफा प्रेम की सनक ने एक परिवार की खुशियाँ तबाह कर दीं। जिस घर में गुरुवार को बरात आने वाली थी, वहां मंगलवार की सुबह चीख-पुकार और मातम का माहौल था। बरात के स्वागत की तैयारियों के बीच रात के सन्नाटे में एक प्रेमी ने वह कर दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
घटना हरदोई जिले के बाबटमऊ के मजरा नई बस्ती जरेरा गांव की है। यहां रहने वाले नौरंग राजपूत की 24 वर्षीय बेटी संगीता राजपूत डीएलएड प्रथम वर्ष की छात्रा थी। उसकी शादी बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के अजमतनगर ठठिया निवासी माया प्रकाश से तय हुई थी और गुरुवार को बारात आने वाली थी। परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था, लेकिन सोमवार की रात लगभग तीन बजे यह खुशी मातम में बदल गई।
बताया जा रहा है कि कन्नौज जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के बद्दापुरवा गांव निवासी प्रेमचंद्र नाम का युवक अपने चचेरे भाई के साथ छत के पीछे की दीवार से चढ़कर संगीता के घर में घुस आया। संगीता अपनी मां लक्ष्मी और छोटी बहन साधना के साथ छत पर सोई हुई थी। प्रेमचंद्र ने संगीता को जबरन छत से खींचने की कोशिश की। विरोध करने और शोर मचाने पर वह उसे घसीटते हुए नीचे सीढ़ियों की ओर ले गया और वहीं सीने में गोली मार दी।
संगीता की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद प्रेमचंद्र अपने चचेरे भाई के साथ फरार हो गया। फायर की आवाज सुनकर परिजन जागे और घटना स्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू की। बिलग्राम के सीओ रवि प्रकाश सिंह, थानाध्यक्ष बालेंद्र मिश्रा और एसपी नीरज कुमार जादौन ने मौके का मुआयना किया। पुलिस ने आरोपी प्रेमचंद्र और उसके सहयोगी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और उनकी तलाश की जा रही है।
परिजनों का कहना है कि प्रेमचंद्र काफी समय से संगीता का पीछा कर रहा था। संगीता का ननिहाल कन्नौज जिले के बद्दापुरवा में ही है, जहां आते-जाते प्रेमचंद्र की नजर उस पर पड़ी थी और वह उसे एकतरफा प्रेम करने लगा। मृतका के पिता नौरंग राजपूत के अनुसार प्रेमचंद्र ने पिछले साल भी संगीता की शादी नीभापुरवा गांव में तय होने पर दुष्प्रचार कर तुड़वा दी थी। इस बार जब उसे शादी तय होने की भनक लगी, तो उसने उसकी जान ही ले ली।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जरेरा गांव के पास बिलग्राम-कन्नौज मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रेमचंद्र का घर गिरवाने की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के समझाने पर लगभग एक घंटे बाद जाम खुला।
इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। जिस संगीता को डोली में विदा करना था, अब उसकी अर्थी उठ चुकी है। एक पिता की आंखों के सामने उसकी बेटी को पहले बदनाम किया गया, फिर उसकी खुशियाँ छीनी गईं और अंत में उसे हमेशा के लिए छीन लिया गया। अब पूरा परिवार सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहा है—क्या उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा?
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