ट्रंप का बड़ा फैसला: ब्लिंकन, सुलिवन समेत 51 अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द, बाइडन को भी झटका
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पूर्व विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन समेत 51 वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद ये अधिकारी अब गोपनीय और संवेदनशील सरकारी जानकारियों तक पहुंच नहीं बना सकेंगे। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने पुष्टि की कि ट्रंप के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
ट्रंप प्रशासन ने जिन अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द की है, उनमें पूर्व अमेरिकी उप अटॉर्नी जनरल लिसा मोनाको, चेक गणराज्य में पूर्व अमेरिकी राजदूत नॉर्मन ईसेन, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स, मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग और अमेरिकी अटॉर्नी एंड्रयू वीसमैन जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, 2020 के चुनाव से पहले “हंटर बाइडेन गलत सूचना पत्र” पर हस्ताक्षर करने वाले 51 लोगों की भी सुरक्षा मंजूरी छीन ली गई है।
ट्रंप ने बाइडन को भी दिया झटका
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को मिलने वाली खुफिया जानकारी पर भी रोक लगा दी है। तुलसी गबार्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने ब्लिंकन, सुलिवन, मोनाको, ईसेन, जेम्स, ब्रैग और वीसमैन समेत 51 लोगों की सुरक्षा मंजूरी समाप्त कर दी है। साथ ही, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को अब राष्ट्रपति का डेली ब्रीफ नहीं दिया जा रहा है।”
बाइडन ने भी ट्रंप पर की थी यही कार्रवाई
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपतियों को आमतौर पर पद छोड़ने के बाद भी खुफिया जानकारी दी जाती है, लेकिन ट्रंप ने इस परंपरा को तोड़ दिया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति पर ऐसा प्रतिबंध लगा हो। 2020 में जब बाइडन राष्ट्रपति बने थे, तो उन्होंने भी ट्रंप की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी। बाइडन ने तब तर्क दिया था कि “ट्रंप का व्यवहार अनिश्चित है,” खासकर 6 जनवरी 2021 को जब उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन (कैपिटल हिल) पर हमला कर दिया था।
ट्रंप ने क्या दी सफाई?
ट्रंप ने अपने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बाइडन को खुफिया जानकारी देना अब सुरक्षित नहीं है, क्योंकि उनकी याददाश्त कमजोर हो चुकी है। हालांकि, ट्रंप खुद भी गोपनीय दस्तावेजों के दुरुपयोग के मामले में घिरे रहे थे, लेकिन जब उन्होंने 2024 का चुनाव जीत लिया, तो न्याय विभाग ने उनके खिलाफ मामला बंद कर दिया।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप के इस बड़े फैसले का अमेरिकी राजनीति पर क्या असर पड़ता है और क्या बाइडन इस पर कोई
प्रतिक्रिया देंगे।
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