April 22, 2026

उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा पहला डिजिटल हाईवे, बाराबंकी-बहराइच मार्ग पर होगा निर्माण

उत्तर प्रदेश का पहला डिजिटल हाईवे बाराबंकी से बहराइच के बीच बनाया जा रहा है। 101 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को चार लेन में विकसित किया जाएगा और इसे स्मार्ट रोड नेटवर्क से लैस किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

 

डिजिटल हाईवे एक उन्नत सड़क नेटवर्क होता है, जिसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, और हाई-टेक सुरक्षा उपाय शामिल होते हैं। यह हाईवे इंटरनेट और संचार सुविधाओं को मजबूत करेगा और यात्रा को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाएगा।

 

प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद अनुमानित बजट तैयार किया जाएगा और मार्च 2025 से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

 

सरकार की योजना देशभर में 10,000 किलोमीटर डिजिटल हाईवे विकसित करने की है। इसकी शुरुआत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और हैदराबाद-बेंगलुरु कॉरिडोर से की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी-बहराइच हाईवे को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है।

 

यह हाईवे एनएच-927 कॉरिडोर का हिस्सा होगा और इसका कनेक्शन लखनऊ, श्रावस्ती एयरपोर्ट, नेशनल हाईवे-27 और भारत-नेपाल सीमा से होगा। इससे व्यापार और यात्रा दोनों में सुधार होगा।

 

हाईवे पर नंबर प्लेट रीडर (NPR) कैमरे, 24 घंटे नेटवर्क सुविधा, और ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम होंगे, जिससे हादसों को कम किया जा सकेगा।

 

रात के समय उन्नत लाइटिंग सिस्टम से वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिलेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

 

सड़क किनारे तीन मीटर चौड़ी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी, जिससे भविष्य में इंटरनेट और टेलीकॉम कंपनियों को सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

डिजिटल हाईवे बनने से यात्रा का समय कम होगा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। यह हाईवे तेज रफ्तार वाहनों के अनुकूल डिजाइन किया जाएगा, जिससे परिवहन और डिलीवरी पहले से अधिक कुशल होगी।

 

वर्तमान में यह मार्ग दो लेन का है, जिसे चार लेन में विस्तारित किया जाएगा। भूमि पैमाइश और सर्वेक्षण का कार्य जारी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

 

उत्तर प्रदेश में पहली बार बनने जा रहे इस डिजिटल हाईवे से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि प्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

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